
शिमला, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय – विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि भारत का भविष्य युवाओं पर निर्भर है और वे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मज़बूत बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग के 90 छात्र-छात्राओं ने विधानसभा सचिवालय में विधान सभा अध्यक्ष से मुलाकात की।
छात्रों ने सदन की कार्यवाही से संबंधित प्रश्न पूछे जिनका उत्तर पठानियां ने सरल भाषा में दिया।
◼ युवाओं और लोकतंत्र पर विचार
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जिसकी आबादी 140 करोड़ है।
भारत में सबसे अधिक युवा शक्ति विद्यमान है और उन्हीं के कंधों पर लोकतांत्रिक व्यवस्था का भविष्य टिका है।
छात्रों का संसदीय प्रणाली में रुचि लेना लोकतंत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
◼ ऐतिहासिक संदर्भ
कौंसिल चैम्बर भवन के निर्माण को 100 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया।
बताया कि यहीं से विठ्ठलभाई पटेल ने फ्रेडरिक व्हाइट को हराकर राष्ट्रीय असेंबली के प्रथम चेयरमैन का गौरव प्राप्त किया था।
◼ स्वतंत्रता संघर्ष और टेक्नॉलॉजी का महत्व
स्वतंत्रता संघर्ष की कुर्बानियों का स्मरण करते हुए कहा कि आज़ादी आसानी से नहीं मिली, इसके पीछे हजारों शहीदों का बलिदान है।
वर्तमान पीढ़ी “टेक्नॉलॉजी युग” की संतान है और आने वाले समय में जीवन और अधिक सरल तथा संघर्ष रहित होगा।
टेक्नॉलॉजी का सदुपयोग विकास, समृद्धि और रोजगार सृजन हेतु होना चाहिए।
◼ युवाओं के लिए संदेश
युवाओं को आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा से देश को समृद्ध और शक्तिशाली बनाने में योगदान दें।
लोकतांत्रिक प्रणाली को मज़बूत करने में भागीदारी करने पर ज़ोर दिया।
सभी छात्रों को सदन की कार्यवाही देखने का आमंत्रण भी दिया।




